अगर अापके घर में LPG सिलेंडर है तो इसे पढ़ लें वरना पछताएंगे

अगर अापके घर में LPG सिलेंडर है तो इसे पढ़ लें वरना पछताएंगे

रसोई गैस वर्तमान समय में सबसे जरुरी संसाधनों में से एक है। अगर रसोई गैस ना हो तो ज्यादातर परिवार खाना बनाने में असमर्थ हो सकते है।

 इसका इस्तेमाल हमें बड़ी सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इसके जितने फायदे है उससे अधिक ये नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल बड़ी सावधानीपूर्वक करना चाहियें। 

एलपीजी क्या है ?

एलपीजी का मतलब है तरल पेट्रोलियम गैस ( Liquid Petroleum Gas ) जो कि ब्यूटेन ( Butane ) और प्रोपेन हाइड्रोकार्बन ( Propane Hydrocarbon ) का मिश्रण है। इसके अलावा कुछ तत्व और भी इसमें होते है इनमे आइसो ब्यूटेन, ब्यूटीलीन, एन-ब्यूटेन और प्रोपीलिन आदि है। इसे भरने के लिए सिलेंडरो का इस्तेमाल किया जाता है जो दबाव अनुकूलित होते है।

एलपीजी का उपयोग :

एलपीजी को घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है। पहले चूल्हों पर खाना बनाया जाता था उस समय लकड़ी को ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता था जिससे कि बहुत परेशानी होती है। लेकिन एलपीजी के उपयोग से सारी समस्या ख़त्म हो गयी। घरों के अलावा इसका इस्तेमाल व्यवसायों संस्थानों में भी किया जाता है और विभिन्न प्रकार के औद्योगिक संस्थान भी इसका प्रयोग करते है। जिस सिलेंडर में एलपीजी गैस भरते है उसका वजन 5 किलोग्राम होता है। घरों में इस्तेमाल करने के लिए उसमे 14.2 किलोग्राम गैस भरी जाती है जिसके बाद सिलेंडर का कुल वजन 19.2 किलोग्राम हो जाता है। इसके अलावा व्यापारिक संस्थान के लिए 19 किलोग्राम से 47.5 किलोग्राम तक के सिलेंडर उपलब्ध होते है। निजी कम्पनियों द्वारा घरों में प्रयोग करने के लिए 12 किलोग्राम तक के सिलेंडर भी उपलब्ध कराये जा रहे है।

घरेलू एलपीजी का कनेक्शन लेने का तरीका :

भारत में बहुत सारी निजी कम्पनियां है जो एलपीजी के सिलेंडर उपलब्ध करवाती है। आप एल पी जी सिलिंडर का नया कनेक्शन पाने के लिए इनमे से किसी के भी अधिकृत विक्रेता से बात कर सकते है। इसके लिए जो जरुरी कागज होते है नियमों के अनुसार पुरे करके आप नया कनेक्शन ले सकते है और एलपीजी का फायदा ले सकते है।

घरेलू गैस उपलब्ध करवाने वाली कंपनियां :

इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड www.iocl.com

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड hindustanpertoleum.com

भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड ebharatgas.com

एसएचवी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड www.supergas.com

श्री शक्ति एलपीजी लिमिटेड  www.shrishakti.com

एलपीजी लगाते समय ध्यान रखें :

गैस सिलेंडर को बंद कमरे में न रखें। सिलेंडर को हमेशा खुले में या फिर ऐसे कमरे में रखे जिसमे खिड़की और दरवाजे खुले हो। सिलेंडर को जिस जगह पर रखें वहां पर इतनी जगह होने चाहिए कि प्रेशर रेगुलेटर का नॉब और रबर की ट्यूब को हिलाने में परेशानी ना हो। इसके अलावा सिलेंडर को हमेशा सीधा खड़ा रखें और उसके वाल्व को उपर की तरफ ही रखें। अगर आप इस तरह से सिलेंडर नहीं लगाते है तो इससे दुर्घटना का कारण बन सकता है। इससे एलपीजी वाल्व बाहर आ सकती है। सिलेंडर को किसी भी जगह ज़मीन के ऊपर ही लगायें इसको कहीं दबायें ना। जैसे कि पहले बताया गया है कि सिलेंडर हवादार जगह पर लगाना चाहिए अगर आप इसे कबर्ड में रखते है तो ध्यान रखें कि इसमें हवा आती जाती हो। ऐसे मेज का प्रयोग न करें जिसकी सतह लकड़ी से बनी हो। इसके अलावा सिलेंडर के पास ऐसे सामान न रखें जिनसे आग लग सकती है या शार्ट सर्किट की सम्भावना हो सकती है जैसे कि इलेक्ट्रिक ओवन और कैरोसिन स्टोव। सिलेंडर ऐसी जगह रखना चाहिए जिससे उसको धुप, बारिश, धुल व गर्मी से बचाया जा सकें। सिलेंडर खाली हो या भरा हुआ हो वाल्व को खुला न छोड़ें, साथ ही आपको सुरक्षा के लिए एक कैप लगाकर रखनी चाहिए।

उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा सुझाव :

एलपीजी के इस्तेमाल के लिए आप जो भी सामान खरीदते है उनपर ISI /BIS  मानक का निशान अवश्य देख लें। इनमे रबड़ ट्यूब और रेग्युलेटर पर ये मार्क अवश्य होने चाहिए। इनको बाहर से न ले सिर्फ पंजीकृत विक्रेता से ही लें। ट्यूब का इस्तेमाल केवल दो साल ही करें इसके बाद इसे बदल कर नयी ट्यूब ले लें। पुरानी ट्यूब का ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है यह दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रेशर रेग्युलेटर को भी समय समय पर चेक करते रहे क्योंकि इसका काम बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह सिलेंडर वाल्व के ऊपर लगा होता है और गैस के दबाव को नियंत्रित करता है। सिलेंडर से निकलने वाली गैस को नियंत्रित करके इसी के द्वारा स्टोव तक भेजा जाता है। गैस का प्रयोग करने के बाद रेग्युलेटर के नॉब को बंद कर देना चाहिए।

गैस सिलेंडर लेते समय ध्यान देने वाली बातें :

सिलेंडर लेते समय जाँच ले कि इस पर कंपनी की सील जरुर लगी हुई हो। इसके अलावा सेफ्टी कैप की स्थिति भी सही होनी चाहिए। अगर आपको इसके प्रयोग का पता नहीं है तो स्वयं प्रयास न करें। जो सिलेंडर की डिलीवरी वाला होता है उससे इसके इस्तेमाल की विधि को जान लें उसके बाद ही इसका इस्तेमाल करें।

गैस की गंध आये तब क्या करें :

अगर आपका सिलेंडर लीक है और उसमे से गैस निकल रही है। आपको जब भी उसकी गंध आये तो डरे नहीं सबसे पहले इसके बुरे प्रभाव से बचने के लिए बिजली की लाइन को बंद कर दें। खासकर सिलेंडर के आस पास के सारे स्विच बदं कर दें। इसके बाद जाँच लें कि रेग्युलेटर बंद है या नहीं अगर वह ऑन है तो उसे बंद कर दें। गैस लीक होने से आग लग सकती है तो ऐसी कोई काम ना करें जिससे कि आग जल जाये या कोई चिंगारी उठ जायें। माचिस की तीली या धुप अगरबती कोई जल रही होतो उसे तुरंत बुझा दें। घर से सभी दरवाजे या खिड़की खोल दें ऐसा करने से गैस एक जगह नहीं रहेगी बाहर फ़ैल जाएगी और आग लगने की सम्भावना टल जाएगी। यह सब करके गैस विक्रेता के ऑफिस में फ़ोन करके इस घटना की जानकारी दें। अगर उस दिन अवकाश हो तो इमरजेंसी सेवा केंद्र को फ़ोन कर दें। इसके बाद रेग्युलेटर को हटा दें और सिलेंडर पर सुरक्षा के लिए कैप लगा दें।

8 दिसंबर से बंद होंगे 500-2000 के नए नोट, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं संदेश

8 दिसंबर से बंद होंगे 500-2000 के नए नोट, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं संदेश


इंटरनेट पर ऐसी खबर और मैसेज वायरल हो रहा है कि जल्द ही 500 और 2000 के नए नोट बंद हो जाएंगे। यह भी खबर है कि इस बाबत भारतीय रिजर्व बैंक 'आरबीआई' ने नया आदेश भी जारी कर दिया है। लेकिन, सच्चाई है कि यह अधूरा सच है। 


इसी से जुड़े एक अन्य मैसेज में कहा जा रहा है कि 8 दिसंबर से खास तरीके के नए नोट अवैध घोषित हो जाएंगे। जल्दी से बैंकों में जमा कर दें। गुजरात चुनाव में अपनी हार का अनुमान लगाते हुए सरकार के कहने पर आरबीआई ने ऐसा किया है। 


लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। आरबीआई की ओर से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। नोटबंदी के दौरान आरबीआई ने स्पष्ट किया था कि अगर नोटों पर कोई भी संदेश, धार्मिक, पॉलिटिकल और ऑब्जेक्शनल शब्द लिखा होगा तो बैंक उसे स्वीकार नहीं करेंगे। 


बताते चले कि जब इस बारे में आरबीआई से पूछा गया तो पता चला कि पैरा 6 (3) iii में साफ लिखा है कि राजनीति, धार्मिक या बिजनेस से जुड़ा संदेश, स्लोगन या कोई ऑब्जेक्शनेबल वर्ड लिखा नोट वैलिड नहीं माना जाएगा। ये नियम नया नहीं है। बल्कि, वर्ष 2016 के 'एक्सचेंज ऑफ नोट्स' नोटिफिकेशन से जुड़ा है। 


आम आदमी को बड़ी राहत: जीएसटी काउंसिल का फैसला, सस्ती हुईं रोजमर्रा की जरूरत वाली 177 चीजें

आम आदमी को बड़ी राहत: जीएसटी काउंसिल का फैसला, सस्ती हुईं रोजमर्रा की जरूरत वाली 177 चीजें

गुवाहाटी में लगातार दो दिन चली जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद सरकार ने 28 फीसदी स्लैब में आने वाली वस्तुओं में अब सिर्फ 50 लग्जरी आइट्म को ही रखा है. इस हिसाब से करीब 177 वस्तुएं अब सिर्फ 18 फीसदी स्लैब वाला टैक्स लगेगा, जिनमें कई घरेलू वस्तुएं शैंपू, फर्नीचर, स्विच, प्लास्टिक पाइप जैसे आइट्म शामिल हैं.

Almost 227 items were there in 28% GST slab, now only 50 remain, which are mostly luxury items, rest have been put in 18%: Sushil Kumar Modi, Bihar Dy CM #GSTCouncilMeetpic.twitter.com/bjds4iVEJT

जीएसटी नेटवर्क समिति के अध्यक्ष सुशील मोदी ने बताया कि अब केवल 50 सामान ही 28 फीसदी टैक्स के दायरे में रह गए हैं, जिनमें से ज्यादातर लग्जरी सामान हैं. बाकी सभी 177 आइट्म को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग चल रही है. यह मीटिंग असम के गुवाहाटी में हो रही है. जीएसटी काउंसिल की बैठक में 28 फीसदी जीएसटी दायरे में 80 वस्तुओं की जगह अब सिर्फ 50 आइटम ही रखे जाएंगे.
जीएसटी काउंसिल ने ऑफ्टर शेव, चॉकलेट्स, च्विंइग गम, डिओडरेंट, वॉशिंग पाउडर, डिटर्जेंट और मार्बल जैसे आइटम्स को 28 प्रतिशत के दायरे से घटा कर 18 प्रतिशत के दायरे में ला दिया है.
जीएसटी की तकनीक संबंधी गतिविधियों को मॉनिटर करने के लिए एक ग्रुप बनाया गया था. इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में 5 सदस्य हैं, जिसके प्रमुख सुशील कुमार मोदी हैं. जीएसटी लागू होने के बाद से ही जरूरी उपयोग की वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स वसूलने को लेकर सरकार की काफी आलोचना हो रही थी.

जिसके बाद सरकार द्वारा इन वस्तुओं पर टैक्स कम करने की उम्मीद पिछले कुछ समय से जताई जा रही थी. साथ ही उम्मीद की जा रही है कि बैठक में वित्त मंत्री जीएसटी दरों की खामियो के साथ ही आसान रिटर्न फाइलिंग और स्मॉल एंड मिडियम एंटरप्राइजेज को राहत देने का ऐलान करेंगे.
क्या-क्या हुआ सस्ता

साबुन
डिटरजेंट
हाथ घड़ी
ग्रेनाइट
मारबल
शैंपू
आफ्टर शेव
स्किन केयर
डियोड्रेंट
कैमरे
वॉलेट
शॉपिंग बैग
सूटकेस
च्युइंगम
चॉकलेट

आज जीएसटी पर मिल सकती है बड़ी राहत, ये चीजें हो सकती हैं सस्ती

आज जीएसटी पर मिल सकती है बड़ी राहत, ये चीजें हो सकती हैं सस्ती

जीएसटी परिषद उच्च कर वाली 28 प्रतिशत की श्रेणी में आने वाले कुछ जरूरी वस्तुओं की संख्या घटाने पर शुक्रवार को विचार कर सकती है. इसके साथ ही दैनिक उपभोग की वस्तुओं, प्लास्टिक उत्पादों और हस्तनिर्मित फर्नीचर के लिए जीएसटी दर में भी कमी की उम्मीद की जा रही है. जीएसटी में छोटे-छोटे बदलावों के पीछे परिषद की मंशा ग्राहकों को राहत प्रदान करने की है.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद इस नई कर प्रणाली के कार्यान्वयन के चार महीने बाद इसकी दरों में सबसे व्यापक फेरबदल पर विचार करने वाली है. इसके तहत रिटर्न फाइल करने को आसान बनाने और लघु एवं मझोले उद्यमों को और राहत प्रदान किए जाने पर विचार किया जा सकता है.

गौरतलब है कि ​परिषद की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को शुरू हुई थी. परिषद की यह 23वीं बैठक है. इसमें असम के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की एकमुश्त योजना के लिए कर दरों में कटौती के सुझावों पर भी विचार किया जाएगा.
आपको बता दें कि जेटली की अध्यक्षता वाली इस परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं. देश में जुलाई 2017 से कार्यान्वित जीएसटी के तहत 1200 से अधिक वस्तुओं और सेवाओं को 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत कर की श्रेणी में लाया गया है. विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के कर निर्धारण का आधार पिछले कराधार को बनाया गया है. यानी सभी वस्तुओं और सेवाओं पर कर के भार को लगभग पूर्व के स्तर पर बरकरार रखने के साथ राजस्व संग्रह तटस्थ रखने का प्रयास किया गया है.

जेटली ने पिछले दिनों कहा था कि कुछ वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर की दर नहीं होनी चाहिए और पिछले तीन-चार बैठकों में जीएसटी परिषद ने 100 वस्तुओं पर जीएसटी की दर में कमी की है. इसके तहत कर की दर को 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत और 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की दर पर लाया गया है.

जेटली ने कहा था, "हम धीरे-धीरे कर की दर को नीचे ला रहे हैं. इसके पीछे विचार यह है कि जैसे आपका राजस्व संग्रह तटस्थ होता है हमें इसमें कमी (उच्च कर दायरे में आने वाली वस्तुओं की संख्या) लानी चाहिए और परिषद अब तक इसी रूप से काम कर रही है."
यहां आपको यह भी बता दें कि जीएसटी के पहले तीन महीने में सरकारी खजाने को कुल मिलाकर 2.78 लाख करोड़ रुपये का संग्रहण आया है.

JIO टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस 30 शहरों में जल्द हो सकती है लॉन्च

JIO टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस 30 शहरों में जल्द हो सकती है लॉन्च

JIO टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस 30 शहरों में जल्द हो सकती है लॉन्च

रिलायंस जियो की हाई स्पीड इंटरनेट फाइबर होम ब्रॉडबैंड सर्विस जल्द लॉन्च होने वाली है। इसी के साथ जियो टीवी सर्विस भी लॉन्च की जाएगी। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पहले यह सर्विस 30 शहरों में लॉन्च की जाएगी। पहले टियर 2 और टियर 3 शहरों में इसके जरिए रिलायंस जियो 10 करोड़ घरों तक अपनी पहुंच बनाएगी। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जियो की यह सर्विस पहले फेज में 5 करोड़ घरों तक पहुंचेगी। रिलायंस जियो के पास करीब 12 करोड़ 4जी नेटवर्क यूजर हैं। वहीं हाई स्पीड इंटरनेट के लिए करीब 3,00,000 किलोमीटर की ऑप्टिक फाइबर लाइन भी जियो के पास है।

आपको बता दें कि रिलायंस जियो ने कुछ समय पहले ही बताया था कि जियो की होम ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू होगी। देश के 10 शहरों में इसका ट्रायल भी चल रहा है। इनमें मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, अहमदाबाद, जामनगर, सूरत, और वडोदरा शामिल हैं। जियो फाइबर ब्रॉडबैंड की स्पीड 1Gbps तक होगी। मतलब इससे एक फिल्म डाउनलोड करने में 2-3 सेकेंड का ही वक्त लगेगा। जियो ब्रॉडबैंड लेने के लिए 4,500 रुपए की सिक्योरिटी मनी देनी होगी। यह राशि रिफंडेबल होगी। इसके साथ एक राउटर दिया जाएगा। इसी राउटर के माध्यम से ही जियो टीवी का इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक जियो का एक यूजर से 1,000 से लेकर 1,500 रुपए तक रिवेन्यू का है।

आपके पास भी है 5 रुपये का यह ख़ास नोट तो यकीन मानिये आप भी बन सकते हैं रातों-रात अमीर

आपके पास भी है 5 रुपये का यह ख़ास नोट तो यकीन मानिये आप भी बन सकते हैं रातों-रात अमीर

आज के समय में पैसे की क्या ताकत है यह किसी को बतानें की जरुरत नहीं है। आज के समय में पैसा भगवान से कम नहीं है। आज हर काम इसी की मदद से हो रहा है और हर कोई इसके पीछे ही भागता हुआ दिखाई भी दे रहा है। ऐसे में हर कोई यही चाहता है कि कास उसके पास लाखों-करोड़ों रूपये होते। लोगों को पैसे की कीमत की समझ है, इसीलिए कुछ लोग पहले से ही अपने भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचनें के लिए पैसे की बचत करना शुरू कर देते हैं। यह उनके ही नहीं बल्कि उनसे जुड़े सभी लोगों के लिए फायदेमंद होता है।


कुछ लोगों को होता है पुरानी चीजें इकठ्ठा करनें का शौक:

अक्सर हमारे आस-पास कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें पुरानी चीजों को इकठ्ठा करनें का शौक होता है। वह पुरानें डाक टिकट इकठ्ठा करते हैं। उन्हें नोटों को भी इकठ्ठा करने का शौक होता है। कई लोगों के पास नोटों के चलन से लेकर अब तक का पूरा कलेक्शन रखा हुआ भी मिल सकता है। हालांकि ऐसा कोई है भी इसके बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं। जिन लोगों को इस तरह की शौक होती है, कई बार उनकी यह शौक उनके लिए फायदेमंद साबित हो जाती है।


नोटों पर लिखे ख़ास नंबर की वजह से लोग खरीदतें हैं नोट:

पुरानें नोटों की नीलामी होती है। जो लोग इस तरह की नोटों को इकठ्ठा करनें के शौक़ीन होते हैं, वह इसके लिए मोटी रकम भी देते हैं। कई बार नोटों में लिखे हुए किसी ख़ास नंबर की वजह से भी लोग उसे खरीदना चाहते हैं। ऐसे में अगर आपके पास भी इस तरह का कोई नोट होगा तो आप एक पल में ही मालामाल हो जायेंगे। आज हम आपको ऐसे ही एक 5 के नोट के बारे में बतानें जा रहे हैं। जी हाँ हम 5 के उस नोट की बात कर रहे हैं, जिसपर ट्रैक्टर बना होता है।


5 के इस एक नोट से बन सकते हैं अमीर:

कई जगहों पर इन नोटों की कीमत लाखों में बताई जाती है। हालांकि ऐसा है या नहीं आज हम आपको इसके बारे में ही बतानें जा रहे हैं। कीमत बतानें से पहले हम आपको इस नोट से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बतानें जा रहे हैं। सबसे पहले इस नोट को हमारे देश में 24 मार्च 1975 को चलाया गया था। उस समय आरबीआई के गवर्नर एस. जगनाथन थे। इस नोट के पहले हमारे देश में 5 ने हिरण वाले नोटों का चलन था। इन नोट का रंग हरा और संतरी है। अगर आप इस नोट को सामनें से देखेंगे तो एक गुलाबी रंग के घेरे में आपको 5 लिखा हुआ दिखाई देगा।


कुछ नोट बिक जाते हैं केवल गवर्नर के सिग्नेचर की वजह से:
इसके बायीं तरफ वॉटरमार्क से अशोक स्तम्भ बना हुआ है। नोट के निचे की तरफ आरबीआई का लोगो बना हुआ है। जिन नोटों में दो बार 786 होता है, उन नोटों की कीमत 4 हजार रूपये है। यह भी बताया जा रहा है कि जिन नोटों की कटाई या छपाई में मिसप्रिंट हो गया है, वह भी हजारों में बिकते हैं। कुछ नोट हैं जो केवल गवर्नर के सिग्नेचर की वजह से ही बिक जाते हैं। इन्ही में से एक है, अमिताभ घोस के सिग्नेचर वाला नोट जो काफी महँगा बिकता है। हालांकि इसकी असली कीमत क्या है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।


ऑनलाइन शॉपिंग तो करते हैं पर क्या इसके नकारात्मक पहलू से परिचित हैं

ऑनलाइन शॉपिंग तो करते हैं पर क्या इसके नकारात्मक पहलू से परिचित हैं

आज के इस टेक्नोलॉजी के दौर में सभी ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग जितनी सुविधाजनक होती है उतने ही उसकी खामियां भी हैं तो आइए आज आपको बताते हैं इसकी कुछ ख़ास बातें जो आप शायद नहीं जानते होंगे:-

ऑनलाइन धोखाधड़ी

आपने शायद इसका अनुभव अभी नहीं किया होगा पर ज़रूरी नहीं कि आप हमेशा सुरक्षित ही रहेंगे। ऑनलाइन शॉपिंग के तहत आपसे जो क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है उसका कोई भी दुरूपयोग कर सकता है। जब तक आप इसकी शिकायत करेंगे आपका हज़ारों लाखों का नुक्सान हो चुका होगा।

देखा कुछ और मिला कुछ और
आपने कई ऐसे किस्से सुने या देखे होंगे जिनमें कि जिस चीज़ का लुक और फीचर्स देखते हुए ग्राहक उसे खरीद तो लेता है, लेकिन जब वो सामान उसके घर आता है तब उसे असलियत पता चलती है। फिर उसकी किस्मत पर है अगर कंपनी विश्वनीय हुई तो धोखा नहीं करेगी।

शॉपिंग का असली मज़ा

क्या आपने कभी शॉपिंग करते हुए जो मज़ा आता है महसूस किया है अगर नहीं तो कभी अपनी पत्नियों से पूछिए। शॉपिंग का असली मज़ा आपको ऑनलाइन नहीं मिलेगा।

आकर्षक डिस्काउंट ऑफर्स
ऑनलाइन शॉपिंग पर उतना डिस्काउंट आपको नहीं मिल पाता है जितना ऑफलाइन शॉपिंग पर मिल सकता है और अगर अपनी जान पहचान हो तो फिर क्या बात।

इंतज़ार
ऑनलाइन खरीदी हुई चीज़ को घर पर देखने के लिए आपको हफ़्तों या फिर एक महीने तक का इंतज़ार करना पड़ सकता है। ये एक बड़ी मुसीबत बन सकता है जिन घरों में ज़्यादातर लोग काम करते हैं, क्योंकि अगर सामान आया और आप घर पर ना हुए तो फिर वही हफ्ते दो हफ्ते का इंतज़ार करना है।

अगर आप भी कॉलगेट यूज़ करते है, तो यह खबर जरूर जान लें!

अगर आप भी कॉलगेट यूज़ करते है, तो यह खबर जरूर जान लें!

, दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला टूथपेस्ट कॉलगेट के बारे में आज के समय मे हर किसी के घर में कॉलगेट उपयोग तो होता ही है। आप खुद अंदाजा लगा सकते हो, कि ज्यादातर घरों में लोग टूथपेस्ट नही बल्कि कॉलगेट बोलते है। अब आप ही सोच लिजिए, कि किसी ब्रांड के लिए इससे ज्यादा सफलता की बात क्या होगी। लेकिन क्या आपको पता है, इतनी बड़ी ब्रांड की शुरुआत कैसे हुई, आइये जानते है।

कॉलगेट कंपनी की शुरुआत आज से लगभग 210 साल पहले हुई थी। और इस कंपनी को शुरू करने वाले का नाम विलियम कॉलगेट था, इन्होंने अपनी लाइफ में बहुत संघर्ष किये थे। ओर एक बात यह भी है, कि जब कॉलगेट का टूथपेस्ट शुरू-शुरु में आया था, तब ट्यूब में नही बल्कि कांच की छोटी शीशी में मिलता था।

1806 में छोटे लेवल पर ही साबुन बनाने का अपना बिज़नेस शुरू किया। और इस कंपनी का नाम उन्होंने विलियम कॉलगेट एंड कंपनी रखा। और फिर जल्द ही विलियम कॉलगेट का यह बिज़नेस तेजी से चल पड़ा। और अब वह अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते दिखाई दे रहे थे। और इस बीच मे उनको कही बार दिल का दौरा पड़ा, ओर हेल्थ काफी खराब हो जाने की वजह से कुछ सालों तक बिज़नेस पर ध्यान नही दे सके, इसी वजह से बिज़नेस घाटे में चला गया। लेकिन हेल्थ सुधरने के बाद उन्होंने फिर वापसी की ओर इस बार कंपनी को एक नई ऊंचाई पर पहुँचा दी।

दोस्तों विलियम कॉलगेट एक धार्मिक व्यक्ति थे, उनका मानना था, कि सब उपर वाला देता है, ओर कंपनी के फायदे के दसवे हिस्से को अच्छे कामों के लिए दान करते थे। ओर फिर सफल बिज़नेसमैन बनने के बाद 25 मार्च 1857 को दुनिया को अलविदा कहा। ओर आगे फिर बिज़नेस को उनके तीन बेटो ने संभाला। सबसे पहला टूथपेस्ट 1873 में लॉन्च किया। ओर फिर 1928 के बाद यह कंपनी पाल्मोलाइव के साथ मिलकर प्रोडक्ट बनाती है, ओर आज के समय मे इस कंपनी में हजारों लोग काम करते है। और यब दुनिया की 59वीं वैल्युएबल ब्रांड है।

सौभाग्य योजना के बारे में सब कुछ जानिए, जिसे पीएम मोदी लॉन्च कर रहे हैं

सौभाग्य योजना के बारे में सब कुछ जानिए, जिसे पीएम मोदी लॉन्च कर रहे हैं

सौभाग्य योजना के बारे में सब कुछ जानिए, जिसे पीएम मोदी लॉन्च कर रहे हैं

आज यानी 25 सितंबर 2017, एक और ऐतिहासिक दिन. जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती. पूरा दिन पब्लिक ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ सुनने को एक्साइटेड था. प्रधानमंत्री मोदी सौभाग्य योजना का ऐलान करने वाले थे. वो योजना लॉन्च हो गई है. सारी जानकारी नीचे मिलेगी, बस पढ़ते जाओ.

सौभाग्य योजना

ये दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के अंदर आने वाली एक और योजना है. जिसका मकसद है 2019 तक देश के हर गांव में हफ्ते के सातों दिन, दिन के 24 घंटे बिजली पहुंचाना. सहज बिजली हर घर योजना इसका पूरा नाम है लेकिन नाम के मामले में हमारी सरकार कंजूसी नहीं बरतती, इसलिए छोटा यानी गुटका नाम सौभाग्य, लेने-लिखने और बताने में आसान.

पीएम मोदी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी कि साढ़े 6 बजे इस योजना का उद्घाटन करेंगे. ट्वीट में जो फोटो लगा था उसमें इसी योजना के नीचे और पॉइंट्स भी लिखे हैं. ये देखो.

1.हर घर बिजली

2. केरोसिन का रिप्लेसमेंट

3. शिक्षा व्यवस्था का विकास

4. स्वास्थ्य व्यवस्था में विकास

5. कम्युनेकेशन यानी सूचना तंत्र का विकास

6. जनता की सुरक्षा के उपाय

7. रोजगार बढ़ाना

8. पब्लिक को अच्छी लाइफ स्टाइल देना, खास तौर से लेडीज के लिए

अब पीएम का ट्वीट देख लो फिर आगे बताते हैं

कुल मिलाकर ये तो डिट्टो मेनिफेस्टो जैसा है. जैसा लोकसभा चुनाव से पहले जनता के सामने किए थे. 3 साल बाद वही फिर याद आ गया है. माने तीन साल में जो नहीं हुआ वो दो साल में हो जाएगा. नायक फिलिम के अनिल कपूर की तरह मोदी जी काम करेंगे तो जरूर हो जाएगा. भरोसा रखो. धीरज रखो. फिलहाल इन योजनाओं में क्या खास है वो इन तस्वीरों में जान लो.

1.

Image: ANI

2.

Image: ANI

2015 में पीएम ने स्पीच दी थी. कहा था कि 1000 दिन दे दो. देश के 18 हजार से ज्यादा गांवों को बिजली दे दूंगा जिन्होंने बिजली वाला लट्टू नहीं देखा है. 15 अगस्त की स्पीच में पीएम ने कहा था कि अभी हजार दिनों के आधे भी नहीं बीते हैं और 10 हजार गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है.

दीनदयाल ऊर्जा भवन

अब सुनो दीनदयाल ऊर्जा भवन क्या है. ये ONGC का नया कॉरपोरेट ऑफिस है. ONGC बोले तो “ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन.” अर्थात गैस तेल वाला डिपार्टमेंट है. तो अब ईंधन वाला पूरा कारोबार दीनदयाल ऊर्जा भवन से हैंडल होगा. पीएम मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर पूरे कार्यक्रम का प्रजेंटेशन  फुल थ्री डी में दिखाया.